हमारा उद्देश्य
जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा, भोजन और बेहतर भविष्य के अवसर देना।


हमारी कहानी
हमारे साथी स्वर्गीय नवीन राव का अचानक निधन हो गया। उनकी यादों को हमेशा जीवित रखने और उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए हमने 2026 में रोहतक में शिवांजली महाकालेश्वर ट्रस्ट की स्थापना की।
इस ट्रस्ट के जरिए हम मुश्किल समय से गुजर रहे लोगों की मदद करना चाहते हैं। हमारा उद्देश्य उन्हें भोजन, शिक्षा, इलाज और दूसरी जरूरी चीजों में सहयोग देना है।
हमारा मानना है कि किसी जरूरतमंद की मदद करना ही नवीन राव को सच्ची श्रद्धांजलि है। उनकी याद को मन में रखकर, हम समाज सेवा और मानवता के काम में हमेशा आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे।
“जिस भी परिवार की हम मदद करते हैं, उसमें उनकी याद जीवित रहती है।”

“अंजलि” यानी दोनों हथेलियों में भरकर श्रद्धा से अर्पित की गई भेंट। शिवांजली भगवान शिव को हमारी अंजलि है, और महाकालेश्वर उज्जैन में विराजमान भगवान शिव का नाम है। हमारे लिए यह नाम हमारे साथी स्वर्गीय नवीन राव को दी गई श्रद्धांजलि भी है।

उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर
हमारा उद्देश्य
जरूरतमंद बच्चों को शिक्षा, भोजन और बेहतर भविष्य के अवसर देना।
हमारा लक्ष्य
अगले 5 से 10 वर्षों में भारत के ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंद लोगों तक पहुँचना, और शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन, विवाह सहायता व सामुदायिक कल्याण के काम को बढ़ाना, ताकि उनका जीवन बेहतर बन सके।
हमारे मूल्य
सेवा, सहयोग और समर्पण हमारे लिए सिर्फ लोगो पर लिखे शब्द नहीं हैं। यही तीन शब्द हमारे हर फैसले की दिशा तय करते हैं।
सेवा
हम बदले में कुछ चाहे बिना सेवा करते हैं। मदद की हर गुहार हम धैर्य और सम्मान से सुनते हैं।
सहयोग
बदलाव तब आता है, जब लोग हाथ मिलाते हैं। दानदाता, स्वयंसेवक और परिवार, सब एक समाज की तरह हमारे साथ चलते हैं।
समर्पण
हम यह काम पूरे मन और ईमानदारी से करते हैं। हर रुपया ऑनलाइन आता और जाता है, ताकि उसका हिसाब हमेशा मिल सके।
हमारी टीम
हमारे सात ट्रस्टी इस काम के लिए अपना समय देते हैं। ट्रस्ट कैसे चले और हर दान का उपयोग कैसे हो, इसकी जिम्मेदारी ये सब मिलकर निभाते हैं।

रविंदर सांगवान
संस्थापक एवं अध्यक्ष
ट्रस्टी

नैंसी सांगवान
संस्थापक एवं उपाध्यक्ष
ट्रस्टी

राजबाला
सचिव
ट्रस्टी

पवन कलकंधा
प्रबंधक एवं कैशियर
ट्रस्टी

मंजीत
सदस्य
ट्रस्टी

नमन
सदस्य
ट्रस्टी

राकेश
सदस्य
ट्रस्टी
सभी कार्यक्रम करते समय कमेटी से विचार-विमर्श किया जाएगा।
भविष्य में कमेटी के सदस्यों की संख्या बढ़ भी सकती है।
पारदर्शिता
भरोसा सिर्फ बातों से नहीं, साफ हिसाब से बनता है। इसलिए जो भी पैसा हमारे पास आता है और जो भी हम खर्च करते हैं, वह सब ऑनलाइन ही होता है।
हम दान केवल ऑनलाइन लेते हैं। किसी से भी, कभी भी नकद राशि नहीं ली जाती।
परिवारों को दी जाने वाली मदद और ट्रस्ट के सभी खर्च भी ऑनलाइन चुकाए जाते हैं, ताकि हर भुगतान का रिकॉर्ड रहे।
आय और खर्च का पूरा हिसाब रखा जाता है, और नियम के अनुसार हमारे खातों का ऑडिट कराया जाएगा।
हर साल हम अपनी ऑडिट रिपोर्ट और वार्षिक रिपोर्ट इसी वेबसाइट पर प्रकाशित करेंगे, ताकि आप खुद पढ़ सकें।
सहयोगी सदस्य बनकर हर महीने दान करें, एक बार दान करें, या स्वयंसेवक बनने के लिए हमसे संपर्क करें।